इस ब्लाग परिवार के हमारे सदस्य साथी....

शनिवार, 8 जनवरी 2011

मुस्कान एक उधार की..

         लालचंद को शामलाल से व्यापार की उधारी के पैसे लेना थे जो बार-बार तकाजे के बाद  भी शामलाल लौटा नहीं रहा था ।

       आखिर थककर लालचंद ने शामलाल को पत्र लिखकर अपनी पुत्री के फोटो के साथ भेजते हुए लिखा- मुझे इसके कारण अपने पैसे जल्द से जल्द वापस चाहिये ।

       शामलाल ने पत्र के उत्तर में अपनी पत्नि का फोटो साथ में भेजते हुए जबाब दिया- मैं इसके कारण तुम्हें पैसे नहीं भेज पा रहा हूँ ।

                            ************


          पाठक लायब्रेरियन से-  क्या आप मुझे आत्महत्या पर कोई किताब दे सकते हैं ?

       लायब्रेरियन- बिल्कुल नहीं दे सकता । आप उसे वापस लौटाओगे नहीं ।


                              ************


            पति पत्नि से-  तुमसे शादी करके मुझे बहुत फायदा हुआ ।

          पत्नि प्रसन्न मुद्रा में-  अच्छा कौनसा  ?

          पति-  अपने सभी गुनाहों की सजा मुझे थोक में इसी जन्म में मिल गई ।    .      
   

8 टिप्पणियाँ:

मनोज कुमार ने कहा…

हा-हा-हा...
मज़ेदार।

प्रवीण पाण्डेय ने कहा…

बहुत मजेदार।

उपेन्द्र ' उपेन ' ने कहा…

सभी एक से बढ़कर एक . वाह...........

ajit gupta ने कहा…

बढिया है जी।

deepak saini ने कहा…

हा-हा-हा...

संजय भास्कर ने कहा…

एक से बढ़कर एक मजेदार।

दीप्ति शर्मा ने कहा…

bahut khub...
kabhi yaha bhi aaye
www.deepti09sharma.blogspot.com

देवेन्द्र पाण्डेय ने कहा…

बड़ेै भयंकर चुटकुले हैं..भगवान पढ़ने वालों को लम्बी उम्र दे।

Related Posts Plugin for WordPress, Blogger...