इस ब्लाग परिवार के हमारे सदस्य साथी....

मंगलवार, 26 मार्च 2013

खूनी होली

               भाऊ साहेब सिर से बहते खून के साथ डाक्टर के पास पहुँचे डाक्टर ने ड्रेसिंग करते हुए भाऊ साहेब से पूछा कि आपको यह चोट कैसे लगी ?  पहले तो भाऊ साहेब बात को टालने लगे किन्तु डाक्टर के अधिक आग्रह करने पर उन्होंने बताया कि इस बार मेरी पत्नी होली के त्यौंहार पर मायके गई हुई है तो मैं भी कुछ मटरगश्ती के मूड में ड्रिंक वगैरह करने के प्रोग्राम के साथ एक होटल में जा टिका । रात 11 बजे के करीब पास के रुम की एक महिला ने दरवाजा खटखटाया । मेरे दरवाजा खोलकर पूछने पर वो बोली - यहाँ के वातावरण में मुझे बहुत ठंड लग रही है आप प्लीज मेरी कुछ मदद कर दें । तब मैंने अपने कमरे का कम्बल उसे दे दिया । थोडी देर बाद वह महिला फिर दरवाजा खटखटाकर कहने लगी कि मेरी ठंड दूर नहीं हो रही है प्लीज आप कुछ करो । तब मैंने उसे अपना ओवरकोट भी दे दिया । अब आज जब मैं अपने घर में हथौडी से कील ठोक रहा था तब अचानक मेरे समझ में आया कि वास्तव में वह महिला उस समय मुझसे क्या चाह रही थी । बस मैंने झुंझलाहट में वो हथोडी अपने सिर पर दे मारी...     Happy Holi.



ब्लाग-जगत के सभी साथियों और

जिन्दगी के रंग ब्लाग के सभी पाठकों, समर्थकों और अपने 

सभी मित्रों-परिचितों को होली के इस रंगारंग पर्व की

                हार्दिक शुभकामनाएँ...

4 टिप्पणियाँ:

प्रवीण पाण्डेय ने कहा…

परमार्थ तो वैसे भी करते रहना चाहिये, इसमें झल्लाने की क्या बात है। :)

कुशवंश ने कहा…

रंगों का पर्व आपकी खुशियों को हज़ार गुना कर दे, होली की शुभ कामनाएं

रजनीश के झा (Rajneesh K Jha) ने कहा…

प्रभावशाली ,
होली की बधाई !!!
जारी रहें।

शुभकामना !!!

आर्यावर्त

आर्यावर्त में समाचार और आलेख प्रकाशन के लिए सीधे संपादक को editor.aaryaavart@gmail.com पर मेल करें।

Rajendra Kumar ने कहा…

होली की शुभकामनाएँ...

Related Posts Plugin for WordPress, Blogger...