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शुक्रवार, 3 मई 2013

जिन्दगी की अमूल्य नेमत - दोस्ती...


           
दोस्त साथ है तो रोने में भी शान है
दोस्त ना हो तो महफिल भी श्मसान है,
सारा खेल इन दोस्तों का ही है वर्ना,
जनाजे और बारात, दोनों ही एक समान हैं ।

          जिसका कोई नहीं होता, उसका भगवान होता है. इसी प्रकार जिसका कोई नाते-रिश्तेदार नहीं होता उसका भी मित्र तो अवश्य होता ही है । यह ऐसा एकमात्र महत्वपूर्ण रिश्ता है जिसका चुनाव हम स्वयं करते हैं जबकि शेष सभी रिश्ते तो हमारे जन्म के साथ ही हमसे जुडे हुए मिलते हैं किन्तु दोस्ती का रिश्ता अपनी-अपनी रुचियों को ध्यान में रखकर हम स्वयं बनाते हैं, बेशक संयोगों की यहाँ भी कम महत्वपूर्ण भूमिका नहीं होती किन्तु फिर भी कुल मिलाकर जीवन का यह सर्वाधिक महत्वपूर्ण रिश्ता "दोस्ती" पूर्णतः ऐच्छिक ही रहता है । मित्रता के महत्वपूर्ण एहसास को बडे-बडे विचारकों से लगाकर हमारे-आपके जैसे सामान्य लोगों ने अपने अनुभवों और मान्यताओं के मुताबिक कैसे परिभाषित किया है । देखते हैं...
  हजारों की भीड में कम से कम एक मित्र तो ऐसा 
होना ही चाहिये कि यदि किसी विशेष विपरीत परिस्थिति में जब हजारों लोग हमारे खिलाफ खडे हो जावें तो वह एक तो हमारे साथ खडा दिख सके ।


सच्चा मित्र वह है जो दर्पण की तरह तुम्हारे दोषों 
को भी तुम्हें दिखाए । जो तुम्हारे अवगुणों को 
गुण बताए, वह तो खुशामदी है ।

  
ज्ञानवान मित्र ही जीवन का सबसे बड़ा वरदान है ।


 

मित्र वे दुर्लभ लोग होते हैं, जो हमारा हालचाल 
पूछते हैं और उत्तर सुनने को रुकते भी हैं । 



मित्र पाने की राह है, खुद किसी का मित्र बन जाना ।


सच्चे मित्र हीरे की तरह कीमती और दुर्लभ होते हैं, झूठे दोस्त तो पतझड़ की पत्तियों की तरह 
हर कहीं मिल जाते हैं ।


अपने मित्र को एकांत में नसीहत दो, लेकिन 
प्रशंसा (सही) खुलेआम करो ।


 मूर्ख मित्र से बुद्धिमान शत्रु हर स्थिति में अच्छा है ।


तुम्हारा अपना व्यवहार ही शत्रु अथवा मित्र 
बनाने के लिए उत्तरदायी है । 


मित्रता करने में धैर्य से काम लो । किंतु जब मित्रता कर ही लो, तो उसे अचल और दृढ़ होकर निभाओ ।


विदेश में विद्या मित्र होती है, घर में पत्नी मित्र होती है, रोगी का मित्र औषधि व मृतक का मित्र धर्म होता है।

और अंत में...

  




4 टिप्पणियाँ:

सुश्मिता सेठी ने कहा…

मित्रता के महत्व पर आधारित विभिन्न स्थानों से एकत्र अनेकों सूक्तियों और विचारों को सिलसिलेवार एक कडी में पिरौने का सुन्दर प्रयास....

कविता रावत ने कहा…

मित्रता पर बहुत सुन्दर सार्थक प्रस्तुति ...

Chaitanyaa Sharma ने कहा…

दोस्ती के सुंदर कार्ड्स सजाये हैं आपने

सतीश सक्सेना ने कहा…

बड़ी प्यारी पोस्ट ...मनन योग्य !!
आभार आपका सुशील भाई !

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