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बुधवार, 29 जून 2016

एक वरदान - मोटापा.


            गर्व से कहो हम मोटे हैं ! क्रिकेट के बाद मोटापा ही एक ऐसी चीज़ हैं जिस पर कोई भी आम भारतीय विशेषज्ञ की तरह राय दे सकता है । दरअसल मोटापा वो तत्व हैं जिसे देखते ही सामने वाले के भीतर बैठा डॉक्टर जाग उठता हैं और तत्काल वो गिरीशचंद्र से रायचंद्र बन जाता हैं । खुद को भले ही चकुंदर और शलगम में अंतर तक ना पता हो लेकिन आपको खाने पीने की ऐसी ऐसी सलाहें परोसता हैं मानो भाई साब झूलेलाल किराना स्टोर के मालिक नहीं कोई जिम ट्रेनर हों ।

            कभी कभी लगता है बाल गंगाधर तिलक गलत थे 'जो स्वराज हमारा जन्मसिद्ध अधिकार है' जैसा नारा दे गए... नारा होना चाहिए था दुसरो के फट्टे में टांग डालना हमारा जन्मसिद्ध अधिकार है ।

            माँ द्वारा घी में चुपड़ी गयी बेहिसाब रोटियां, लल्ला हलवाई के नियमित रूप से समोसे व मसाला आलू, बाज़ार में मिलने वाले एक से एक स्वादिष्ट जंक फ़ूड, रोज़ाना 14 घंटे की प्यारी नींद और ना जाने कितने बेहिसाब परिश्रम के बाद इतनी प्यारी तोंद मिलती है । अब इसका सुख वो लोग क्या जाने जो आज भी 28 कमर वाली जीन्स में ही अटके हुए है । तोंद हमें मिलती है अपने परिश्रम व लगन के बलबूते पर, किंतु इसे देख सामने वाला ऐसे जल उठता है मानो आपने उसके हिस्से का छीन कर खाया हो ।

            भैया मोटापे के भी अनेक फायदे है । आप अपनी बीवी के साथ निकलो किसी की मज़ाल नहीं कि बीवी को छेड़ सके । आप पति कम बॉडीगार्ड ज्यादा नज़र आते है । बीवी मोटी हो तो डर नहीं सताता कि उसका कही अफेयर होगा । 

            आप मोटे हो तो आपको ये बताने की जरुरत नहीं कि आपकी सैलेरी अच्छी है और आप खाते पीते घर से हो । बेफिक्र होकर आप रक्तदान कर सकते हैं, साथ ही आपके शरीर में इतना खून होता है कि आप मच्छरों को भी भोजन करा सकते हैं जो कि पतले लोगो के बस का नहीं । वो तो 4 मच्छर को खून पिलाये तो उन्हें 2 बोतल खून चढ़ाना पड़ जाएगा...

            पतले लोग मोटे लोगो पर तंज तो यूँ कसते है मानो धरती की आधी समस्यायों के लिए हम ही जिम्मेदार है। भाई मेरे, तुमने पतले होकर क्या तीर मार लिया... कौन सा ओबामा तुम्हारे साथ बैठ कर तीन पत्ती खेलता है।

            आप ही बताइये किस क्षेत्र में मोटे लोग नहीं हैं  ?  क्या हनी सिंह  - नुसरत फ़तेह अली खान से अच्छा गायक है 
?  क्या शिखर धवन - सनथ जयसूर्या से अच्छे बल्लेबाज़ है  क्या अनिल अम्बानी - मुकेश अम्बानी से ज्यादा अमीर है  क्या मिथुन दा - गणेश आचार्य से अच्छे डांसर हैं...बोलिये  ?

            अपने मोटापे पर शर्म नहीं गर्व कीजिये - हमारे कारण ही बाबा रामदेव ने नाम कमाया है । लोग मोटे ना होते तो वो योग किसे सिखाते...क्या राजपाल यादव को ? हम जैसे मोटे लोगों के कारण ही कितने डॉक्टर व जिम वालों की रोज़ी रोटी चल रही है । माना हम तेज़ दौड़ नहीं सकते पर तेज़ दौड़ के हमें कौन सा काला धन लाना है । मोटापा आपको अच्छी व गहरी नींद देता है । बढ़ता मोटापा आपको हर महीने नए कपडे खरीदने का मौक़ा भी देता है । 

            अत: मोटापा श्राप नहीं वरदान है । तोंद शर्म नहीं ईश्वरीय प्रसाद है । शर्माइये मत...!  गर्व से कहिये हम मोटे हैं......!              
 

शनिवार, 25 जून 2016

गौरवशाली इन्दौर...



            भारत के नक्शे पर कई शहर अपनी विशेष पहचान के कारण ही जाने जाते हैं, उन्हीं में यदि रानी अहिल्याबाई व सर सेठ हुकमचंद जैसी ऐतिहासिक शख्सियतों से जुडे इन्दौर शहर की बात की जावे तो चाहे यह शहर बम्बई, दिल्ली, कलकत्ता, मद्रास जैसे देश के महानगरों सा आकार नहीं रखता हो किंतु इसकी ऐतिहासिकता के साथ ही ऐसी अनेक विशेषतायें इस शहर के साथ शुरु से जुडी रही हैं जो इसे देश के नक्शे में एक विशिष्ट स्थान दिलवाते हुए इसकी पहचान को हमेशा से एक विशेष दर्जा सदैव दिलवाती रही हैं । 

            देश के सात राज्यों से सीधे जुडे मध्यप्रदेश के भी लगभग मध्य में राज्य की औद्योगिक व व्यापारिक राजधानी का दर्जा रखने के कारण अन्य प्रांतों से आकर बसने वाली आबादी का सर्वोच्च भार वहन करने वाले इस शहर की खासियतों का यदि जिक्र करना प्रारम्भ किया जावे तो वास्तव में लेख की लम्बाई तो बढती ही चली जाएगी किंतु यहाँ की विशेष पहचान के क्रम समाप्त होते नहीं दिखेंगे । फिर भी इस क्रम में यह जानने की कोशिश करते हैं कि वे कौन-कौनसी प्रमुख विशेषताएँ हैं जो इस शहर को इसकी खासियतों के आधार पर इसे अन्यों से कुछ अलग दिखला सकने का कारण बनती हैं-

            महान क्रिकेट खिलाड़ी सुनील गावस्कर ने अपने वनडे करियर की एकमात्र सेंचुरी इंदौर के नेहरू स्टेडियम में लगाई ।

            इन्दौर स्थित सैन्य छावनी MHOW (Military Headquarters Of War) देश की मुख्य सैन्य छावनियों में शामिल है ।

            जानकारी के अनुसार इन्दौर का नामकरण इन्द्रेश्वर मंदिर के नाम पर हुआ था, शुरूआत में यह "इन्दूर" था,जो आगे चलकर "इन्दौर" कहलाया ।

            इन्दौर देश का एकमात्र शहर है जहाँ पर IIM एवं IIT दोनों है ।
 
           इन्दौर में एशिया की सबसे बड़ी रिहायशी कॉलोनी सुदामा नगर है ।

            देश के पहले निजी रेडियो चैनल "रेडियो मिर्ची" ने अपने प्रसारण की शुरुआत इन्दौर से की थी ।

            स्वर साम्राज्ञी लता मंगेशकर, फिल्म स्टार सलमान खान, क्रिकेट खिलाड़ी राहुल द्रविड़ और परम पूज्यनीय योग गुरु श्री मनीष शर्मा की जन्मभूमि भी इन्दौर है ।

            पूर्व में इन्दौर को  "म.प्र.का डेट्रॉयट"  नाम से नवाजा जा चुका है ।

         इंदौर देश का एकमात्र ऐसा शहर है जहां 100 कि.मी. की रेंज में दो ज्योतिर्लिंग हैं-  1. ओंकारेश्वर  और  2. महाकालेश्वर ।

            इन्दौर स्थित आर आर कैट देश की मुख्य प्रयोगशालाओं में एक है । यहां एक्सलरेटर, क्रायोजेनिक्स सहित कई महत्वपूर्ण शोध हो रहे हैं ।

            टेस्ट क्रिकेट में एक टेस्ट में   सर्वाधिक विकेट लेने का  कीर्तिमान इंदौर के नरेन्द्र हिरवानी और बाब मैसी (आस्ट्रेलिया) के नाम पर संयुक्त रूप से दर्ज है । 
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            किसी महिला प्रत्याशी द्वारा एक ही लोकसभा सीट से एक ही पार्टी के टिकट पर सर्वाधिक बार चुनाव जीतने का कीर्तिमान इन्दौर की सांसद और वर्तमान लोकसभा अध्यक्ष श्रीमती सुमित्रा महाजन के नाम पर दर्ज ।

            विकास के शुरुआती वर्षों में इन्दौर "कपड़ा मिलों का शहर" के नाम से प्रसिद्ध था लेकिन अब ये सभी मिलें बंद हो चुकी है ।

            इन्दौर स्वाद के शौकीनों का शहर है । इसे "स्वाद की राजधानी" के रूप मे जाना जाता है ।

            यहाँ पर एशिया के सबसे बड़े गणपति विराजमान हैं (बड़ा गणपति)

            यहाँ पर संपूर्ण कांच से निर्मित मंदिर है । जहां पर छत, दिवार से लेकर फर्श भी कांच की है और ये सारे कांच  विदेशों से मंगाए गए थे ।

            यहीं पर ही वीरेंद्र सहवाग ने 200 रन बनाये थे ।

            यहीं के एक विधायक के नाम सबसे ज्यादा मतों से जितने का रिकार्ड है ।

            यहीं की एक बेटी पलक मुछाल ने गाने गाकर सबसे ज्यादा हार्ट सर्जरी करवाई और यह क्रम अभी तक भी सतत जारी है ।

            यहीं का एक ट्रैफिक पुलिस आज दुनिया का सबसे पसंदीदा ट्रैफिक पुलिस है । जिसे काम करते सभी देखना चाहते है । रणजीत सिंह ।

            यहाँ पर स्थित दवा बाजार एशिया का सबसे बड़ा दवा बाजार है ।

            यहीं पर एक ऐसा पर्वत है जहां पर पितरों की याद में पोधे लगाये जाते है । पितृ पर्वत ।

            यही वो शहर है जहां मूक बधिरों की सेवा के लिए सबसे अच्छा स्कूल और ट्रेनिग कैंप है ।

            यही वो शहर है जहाँ के एक व्यापारी सर सेठ हुकुमचंदजी (कॉटन किंग) की तस्वीर आज भी लंदन कॉटन एक्सचेंज में मुख्य द्वार पर लगी है ।


            यहीं पर सर सेठ हुकुम चंद जी द्वारा स्वर्ण से निर्मित रथ है जो दुनिया में कही नहीं है और वो केवल महावीर जयंती पर ही निकलता है ।

            मोबाईल कंपनी एयर टेल ने अपनी मोबाइल सेवा की शुरुवात  सर्व प्रथम इंदौर से ही की थी ।
 

            अनंत चतुर्दशी पर रात भर चलने वाले विशाल चल समारोह और रंगपंचमी पर दिन भर रंगों से सरोबार हुडदंगीयों की विशाल सामूहिक गेर जिनके फिल्मांकन के लिये राजश्री प्रॉडक्शन जैसी नामी-गिरामी फिल्म प्रोड्यूसर संस्थाएँ विशेष आयोजन रखती हैं वह भी इसी इन्दौर शहर की विशिष्ट पहचान रही है ।





मंगलवार, 21 जून 2016

आश्चर्यजनक तस्वीरें...!

            पहला भारतीय 3डी आर्ट एम्पोरियम... जो ईस्ट कोस्ट रोड चेन्नई में प्रारम्भ हुआ है । ये आपकी आंखों को मसल-मसल कर देखने पर मजबूर कर देगा...
 











और अब इसे भी देखें...

भाई ज़मीन पर सो रहा था तो बहिन ने सपनों का घर बना दिया 
 
इस सदी की सबसे मर्मस्पर्शी तस्वीर...
 



             आँसू मुस्कुराहट से ज्यादा अच्छे होते है...

         जानते हैं क्यूं -_क्योंकि मुस्कुराहट सभी के लिये होती है ।

          जबकि आँसू किसी खास के लिए होते है ।

शुक्रवार, 17 जून 2016

मुस्कुराओ - तो कोई बात बने...



             अगर आप डॉक्टर हैं और मुस्कराते हुए मरीज का इलाज करेंगे तो मरीज का आत्मविश्वास दोगुना हो जायेगा ।

            जब आप मुस्कुराते हुए शाम को घर में घुसेंगे तो देखना पूरे परिवार में खुशियों का माहौल बन जायेगा ।

            अगर आप एक बिजनेसमैन या  कर्मचारी हैं और आप खुश होकर कंपनी में घुसते हैं तो देखिये सारे कर्मचारियों के मन का प्रेशर कम हो जायेगा और माहौल खुशनुमा हो जायेगा ।

            अगर आप दुकानदार हैं और मुस्कुराकर अपने ग्राहक का सम्मान करेंगे तो ग्राहक खुश होकर आपकी दुकान से ही सामान लेगा ।

            कभी सड़क पर चलते हुए अनजान आदमी को देखकर मुस्कुराएं, देखिये उसके चेहरे पर भी मुस्कान आ जाएगी ।

            1. मुस्कुराइए, क्यूंकि मुस्कराहट के पैसे नहीं लगते ये तो ख़ुशी और संपन्नता की पहचान है ।

            2.मुस्कुराइए,  क्यूंकि आपकी मुस्कराहट कई चेहरों पर मुस्कान लाएगी ।

            3. मुस्कुराइए, क्यूंकि ये जीवन आपको दोबारा नहीं मिलेगा ।

            4. मुस्कुराइए,  क्योंकि क्रोध में दिया गया आशीर्वाद भी बुरा लगता है और मुस्कुराकर कहे गए बुरे शब्द भी अच्छे लगते हैं ।"

            5. मुस्कुराइए, क्योंकि दुनिया का हर आदमी खिले फूलों और खिले चेहरों को पसंद करता है ।"

            6. मुस्कुराइए, क्योंकि आपकी हँसी किसी की ख़ुशी का कारण बन सकती है ।"

            7. मुस्कुराइए, क्योंकि परिवार में रिश्ते तभी तक कायम रह पाते हैं जब तक हम एक दूसरे को देख कर मुस्कुराते रहते है"

और सबसे बड़ी बात

            8.  मुस्कुराइए, क्योंकि यह मनुष्य होने की पहली शर्त है । एक पशु कभी भी नहीं मुस्कुरा सकता ।


             प्रसन्नता मुस्कराहट से ज्यादा महत्वपूर्ण है, क्योंकि मुस्कुराहट होठों से आती है,  जबकि प्रसन्नता दिल से.

            तो प्रसन्न रहिये और मुस्कुराते रहिये. प्रभु से प्रार्थना है के आज-

 आपका दिन शुभ हो...
 

मंगलवार, 14 जून 2016

आश्चर्यजनक संयोग


            महात्मा बुध ने विवाह किया था- परंतु वे पत्नी को छोड़ कर सत्य की खोज में निकल गये । उनकी पत्नी ने एकाकी जीवन जिया । उनकी पत्नी का नाम यशोधरा था ।

            महावीर स्वामी ने भी विवाह किया था- परंतु वे भी पत्नी को छोड़ कर सन्यासी हो गये । उनकी पत्नी ने एकाकी जीवन जिया । उनकी पत्नी का नाम यशोदा था ।

            मोदी ने भी विवाह किया परंतु अपनी पत्नी को छोड़ दिया और अपना जीवन देश सेवा में लगा दिया । उनकी पत्नी भी एकाकी जीवन व्यतीत कर रही हैं । उनकी पत्नी का नाम यशोदाबेन है ।

            यशोदा, यशोधरा एवम यशोदाबेन !

            महात्मा, महावीर एवम् मोदी.

            यह सिर्फ संयोग है या कि इतिहास अपने आप को दोहरा रहा है. । 

शनिवार, 11 जून 2016

दिलदारी - दुनियादारी...


            1.   जो आपसे दिल से बात करता है, उसे कभी दिमाग से जवाब मत देना ।
            2.  एक साल मे 50 मित्र बनाना आम बात है पर 50 साल तक एक मित्र से मित्रता निभाना खास बात है ।

            3.  एक वक्त था जब हम सोचते थे कि  हमारा भी वक्त आएगा, और अब एक ये वक्त है जब हम सोचते है कि वो भी क्या वक्त था ।

            4.  एक मिनट मे जिन्दगी नही बदलती, पर एक मिनट सोच कर लिया फैसला पूरी जिन्दगी बदल देता है ।

            5.  आप जीवन मे कितने भी ऊँचे क्यो न उठ जाएं, पर अपनी गरीबी और कठिनाई को कभी मत भूलिए ।

            6.  वाणी मे भी अजीब शक्ति होती है, कडवा बोलने वाले का शहद भी नही बिकता और मीठा बोलने वाले की मिर्ची भी बिक जाती है ।

            7.  जीवन मे सबसे बङी खुशी उस काम को करने मे है, जिसे लोग कहते है कि यह तुम्हारे बस की बात नहीं है ।

            8.  इंसान एक दुकान है और जुबान उसका ताला ।  ताला खुलता है, तभी मालूम होता है कि दुकान सोने की है या कोयले की ।

            9.  कामयाब होने के लिए जिन्दगी मे कुछ ऐसा काम करो कि लोग आपका नाम Facebook पे नही Google पे सर्च करें ।

          10.  दुनिया विरोध करे, तुम ङरो मत क्योकि जिस पेड पर फल लगते हैं,  दुनिया उसे ही पत्थर मारती है ।

            11.  जीत और हार आपकी सोच पर ही निर्भर है, मान लो तो हार होगी और ठान लो तो जीत होगी ।

            12.  दुनिया की सबसे सस्ती चीज है सलाह, एक से मांगो हजारो से मिलती है जबकि सहयोग हजारो से मांगो तो बमुश्किल किसी एक से मिलता है ।

            13.  मैने धन से कहा कि तुम सिर्फ कागज के एक टुकङे हो, धन मुस्कराया और बोला बिल्कुल मै एक कागज का एक टुकङा ही हूँ, लेकिन मैने आज तक अपनी जिन्दगी मे कभी कूङेदान का मुँह नही देखा ।

            14.  आँधियो ने लाख बढाया हौसला धूल का, पर दो बूंद बारिश ने औकात बता दी !

            15.  जब एक रोटी के चार टुकडे हों  और खाने वाले पांच हो तब- मुझे भूख नही है ऐसा कहने वाली शख्सियत सिर्फ "माँ" ही हो सकती है ।

            16.  जब लोग आपकी नकल करने लगें तो समझ लेना - कि आप जीवन मे सफल हो रहे हैं ।

            17.   मत फेंक पत्थर पानी मे उसे भी कोई पीता है, मत रहो उदास यूं जिन्दगी मे, तुम्हे देखकर भी कोई जीता है ।


बुधवार, 8 जून 2016

एक जमाना था...


            दादी माँ बनाती थी रोटी, पहली गाय की और आखरी कुत्ते की,  हर सुबह नन्दी आ जाता था,  दरवाज़े पर - गुड़ की  डली के लिए ।

            कबूतर का चुग्गा,  चीटियों का आटा, शनिवार, अमावस, पूर्णिमा का सीधा । सरसों का तेल गली में,  काली कुतिया के ब्याने पर, गुड़ चने का प्रसाद,  सभी कुछ  निकल जाता था । वो भी उस घर से, जिसमें भोग विलास के नाम पर एक टेबल फैन भी न होता था ।

            आज सामान से भरे घरों में - कुछ भी नहीं निकलता ! सिवाय लड़ने की कर्कश आवाजों के, या फिर टी वी की आवाजें...

             तब मकान चाहे कच्चे थे, लेकिन रिश्ते सारे सच्चे थे ।

            चारपाई पर  बैठते थे, दिल में प्रेम से रहते थे । सोफे और डबल बैड क्या आ गए ?  दूरियां हमारी बढा गए ।

            छतों पर. सब सोते थे, बात बतंगड खूब होते थे, आंगन में वृक्ष थे, सांझे सबके सुख दुख थे ।

            दरवाजा खुला रहता था, राही भी आ बैठता था, कौवे छत पर कांवते थे, मेहमान भी आते जाते थे ।

            एक साइकिल ही पास था, फिर भी मेल जोल का वास था, रिश्ते सभी निभाते थे, रूठते भी थे और मनाते भी थे ।

            पैसा चाहे कम था, फिर भी माथे पे कोई गम ना था, कान चाहे कच्चे थे, पर रिश्ते सारे सच्चे थे !

             अब शायद सब कुछ पा लिया है, पर लगता है कि बहुत कुछ गंवा दिया है...

शुक्रवार, 3 जून 2016

कॉलेज स्टुडेंट्स के लिये रतन टाटा के 10 महत्वपूर्ण सबक...


              1.  जीवन उतार-चढ़ाव से भरा है, इसकी आदत बना लो.

             
            2.  लोग तुम्हारे स्वाभिमान की परवाह कभी नहीं करते,  इसलिए पहले खुद को  साबित करके दिखाओ.

          
             3.  कॉलेज की पढ़ाई पूरी करते ही मोटे वेतन के बारे में मत सोचो, एक रात में कोई वाइस-प्रेसिडेंट नहीं बनता, इसके लिए अपार मेहनत पड़ती है.

              
            4.  अभी आपको अपने शिक्षक सख्त और डरावने लगते होंगे, क्योंकि अभी तक आपका अपने जीवन में बॉस नामक प्राणी से पाला नहीं पड़ा.

             
            5.  तुम्हारी गलती सिर्फ तुम्हारी है, तुम्हारी पराजय सिर्फ तुम्हारी है, किसी को दोष मत दो, उस गलती से सीखो और आगे बढ़ो.

             
            6.  तुम्हारे माता पिता तुम्हारे जन्म से पहले इतने निरस और ऊबाऊ नही थे, जितना तुम्हें अभी लग रहा है, तुम्हारे पालन पोषण करने में उन्होंने इतना कष्ट उठाया कि उनका स्वभाव बदल गया.

              
            7.  सांत्वना पुरस्कार सिर्फ स्कूल में  देखने को मिलते है, कुछ स्कूलों में तो पास होने तक भी परीक्षा दी जा सकती है, लेकिन बाहर की दुनिया के नियम अलग हैं, वहां हारने वाले को अलग से कोई मौका नहीं मिलता.

              
            8.  जीवन के स्कूल में कक्षाएं और वर्ग नहीं होते और वहां महीने भर की छुट्टी भी नहीं मिलती, आपको सिखाने के लिए कोई समय नहीं देता, यह सब आपको खुद करना होता है.

              
            9.  TV का जीवन सही नहीं होता और जीवन TV के सीरियल नहीं होते, सही जीवन में आराम नहीं होता सिर्फ और सिर्फ काम होता है.

         
            10. लगातार पढ़ाई करने वाले और कड़ी मेहनत करने वाले अपने मित्रों को कभी मत चिढ़ाओ, वर्ना एक समय ऐसा आ सकता है कि तुम्हें उनके नीचे काम करना पड़े.

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