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गुरुवार, 23 जनवरी 2020

माधुर्य का माध्यम...


      अपने इर्द-गिर्द हम जब-तब संगीत की सुमधुर धुनों को प्रायः अलग-अलग स्थान व अलग-अलग अवसरों पर सुनते रहते हैं और धुनों के इस सैलाब में इंसान को बहा ले जाने की ताकत भी यदि कहीं तलाशी जावे तो वह हिंदी फिल्मों के उन मशहूर गीतों में बहुत ही आसानी से देखी जा सकती है जहाँ हम जीवन की किसी भी मनोदशा से सम्बन्धित मधुरतम गीतों का अपने मूड और अवसर के मुताबिक आसानी से चुनाव कर सकते हैं ।

      चिकित्सा जगत में भी अब इन कर्णप्रिय गीतों के श्रवण द्वारा रोगियों के शीघ्र रिकवरी कर सकने की इस माध्यम की क्षमता को मान्यता मिल चुकी है । किसी डिप्रेशन (अवसाद) से ग्रस्त व्यक्ति के उपचार में भी दवाई के समानान्तर इन गीतों की मदद जब ली जाती है तो रुग्ण व्यक्ति को अधिक तेजी से सामान्य जीवन में लौटने में मदद मिलती है । कई हॉस्पीटल्स में रोगियों से भरे-पूरे वार्ड में धीमी गति से इन मधुर गीतों की धुनों का प्रसारण रोगियों की बेहतर रिकवरी के लिये प्रारम्भ हो चुका है ।

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      निःसंदेह फिल्मों की इस महत्वपूर्ण देन के लिये हम भारतीय फिल्मों को इसका पूरा श्रेय दे सकते हैं क्योंकि विदेशों में बनने वाली दूसरी सबसे प्रचलित भाषा अंग्रेजी की फिल्मों में प्रायः ऐसे गीतों की जीवंत मौजूदगी देखने में नहीं आती जबकि भारत में इस विधा को पोषित-पल्लवित करने के लिये एक से बढकर एक गीतकार, संगीतकार व गायक-गायिकाओं ने अपना पूरा जीवन व योग्यता इसके माधुर्य को आगे बढाने के लिये समर्पित की है ।

      हिंदी फिल्म संगीत की मधुरता के आकर्षण से विदेशों में मौजूद अलग-अलग भाषाओं वाले देशों के नागरिक भी अछूते नहीं रहे हैं । उनके अपने सामूहिक आयोजनों में भारतीय फिल्मों के यही लोकप्रिय गीत उनकी अपनी शैली में उन्हीं के द्वारा गाते-बजाते देखने में आते रहते हैं । हमारी सरहदों की सुरक्षा के लिये अपनी जान हथेली पर रखकर ड्यूटी निभाने वाले हमारे वीर सैनिकों के लिये भी मधुर संगीत का यही माध्यम उनके मनोरंजन का सर्वाधिक पसंदीदा माध्यम  साबित होता है ।

      देश के सर्वाधिक महत्वपूर्ण व संजीदा पद पर आसीन हमारे नौसेनाध्यक्ष द्वारा सार्वजनिक मंच से प्रस्तुत किये गये कार्यक्रम का एक वीडिओ क्लिप भी आप अवश्य देखें, जिसमें वे इस मधुर गीत का अपने ही अन्दाज में आनंद लेते दिखाई दे रहे हैं ।

     

      इतने महत्वपूर्ण और संवेदनशील पद के तनाव से संगीत के ये पल इन्हें न सिर्फ सुकून देने वाले होते हैं बल्कि आनंद व मस्ती के मूड में आप अरब देशों के इन नागरिकों को भी भारतीय फिल्मी गीतों की तान पर मस्ती में झूमते गाते अब नीचे के इस वीडिओ में भी देखें...
      
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      तो अब जब भी कभी आप अच्छा महसूस करने में कोई कमी महसूस करें या किसी प्रकार का तनाव महसूस करें तो सुमधुर संगीत के इस माध्यम का अपने मोबाईल, लेपटॉप या पेऩड्राईव द्वारा अपने पसंदीदा फिल्मी गीत-संगीत का आनंद लेने की कोशिश करें । निश्चित रुप से कुछ ही देर में आप अपने नैराश्य के उस मूड से स्वयं को बाहर पा सकेंगे ।


ऐतिहासिक शख्सियत...

पागी            फोटो में दिखाई देने वाला जो वृद्ध गड़रिया है    वास्तव में ये एक विलक्षण प्रतिभा का जानकार रहा है जिसे उपनाम मिला था...