व्यंग लेबलों वाले संदेश दिखाए जा रहे हैं. सभी संदेश दिखाएं
व्यंग लेबलों वाले संदेश दिखाए जा रहे हैं. सभी संदेश दिखाएं

शुक्रवार, 27 सितंबर 2019

सदा-सर्वदा पवित्र {व्यंग}

                 
          एक पण्डितजी एक दिन शास्त्राथ की जिद में  अपने बच्चे से उलझ गये । बच्चे ने भी एक प्रश्न दाग दिया कि अच्छा बताओ- "वो कौन सी वस्तु है, जो कभी अपवित्र नहीं होती......?"

          पण्डितजी उत्तर तलाशते पसीने-पसीने हो गये, मगर बच्चे के प्रश्न का जवाब नहीं दे पाये । आखिर हार मान कर बोले, चल तू ही बता ।

          बच्चे ने कहा कि कभी न अपवित्र होने वाली वस्तु  है,  टैन्ट हाउस के गद्दे, जिसे......हिन्दू,-मुसलमान से ले कर पण्डित, मौलवी,  हरिजन, कुम्हार , डोम और बाल्मीकि सभी धर्म के लोग इस्तेमाल करते हैं ।

         ये गद्दे मैयत से लेकर पूजा पण्डाल तक और धार्मिक कथा से ले कर उठावने तक हर मौके पर बिछते हैं । इनको कोई सुतक भी नहीं लगता बाराती भी इन गद्दों पर सोम-रस पीने के बाद वमन करते हैं ।

          छोटे बच्चों को सुविधानुसार इन पर पेशाब करा दिया जाता है ।  इतना ही नहीं,  इन पर बिछी चादरों से जूते भी चमका लियेे जाते हैं ।  हद तो तब होती है, जब हलवाई इन चादरों में पनीर का चक्का लटका देता है । उसी  पनीर से क्या मस्त मटर-पनीर बनता है....

          पण्डितजी चारों खाने चित थे और बच्चा पण्डितजी के चेहरे पर पानी के छींटे मार रहा था ।

          यह ऐसी  सत्यता है,  जिसे हम सब जानते  तो हैं पर मानते नहीं है और इन्हीं पर बैठकर पूजा-पाठ का दिखावा करते हैं ।

व्हॉट्सएप से साभार...

सोमवार, 23 मार्च 2015

अकल बडी या भैंस...


महामूर्ख दरबार में, लगा अनोखा केस
फँसा हुआ है मामला, अकल बडी या भैंस.
अकल बडी या भैंस, दलीलें बहुत सी आई
महामूर्ख दरबार की, देखो अब सुनवाई.

मंगल भवन अमंगल हारी, भैंस सदा ही अकल पे भारी.
भैंस मेरी जब चर आये चारा, पांच सेर हम दूध निकारा.
कोई अकल ना यह कर पाये, चारा खाकर दूध बनावे.
अकल घास जब चरने जावे, हार जावे नर, अति दुःख पावे.

भैंस का चारा लालू खायो, बीबी को सी.एम. बनवायो.
मोटी अकल मन्दमति होई, मोटी भैंस दूध अति होई.
अकल इश्क कर-करके रोये, भैंस का कोई बायफ्रेंड न होये.
अकल तो ले मोबाईल घूमे, एस.एम.एस. पा-पा के झूमे.

भैंस मेरी डायरेक्ट पुकारे, कबहुँ मिस्ड काल ना मारे.
भैंस कभी सिगरेट ना पीती, भैंस बिना दारु के जीती.
भैंस कभी ना पान चबाय, ना ही इसको ड्रग्स सुहाय.
शक्तिशाली, शाकाहारी, भैंस हमारी कितनी प्यारी.

अकलमंद को कोई ना जाने, भैंस को सारा जग पहचाने.
जाकि अकल में गोबर होये, सो इन्सान पटक सर रोये.
मंगल भवन अमंगल हारी, भैंस का गोबर अकल पे भारी.
भैंस मरे तो बनते जूते, अकल मरे तो पडते जूते.


WhatsApp  प्रसारण  से साभार...

ऐतिहासिक शख्सियत...

पागी            फोटो में दिखाई देने वाला जो वृद्ध गड़रिया है    वास्तव में ये एक विलक्षण प्रतिभा का जानकार रहा है जिसे उपनाम मिला था...