इस ब्लाग परिवार के हमारे सदस्य साथी....

शुक्रवार, 20 मई 2016

तुलना...! मार्बल फर्श और मूर्ति की.

If you don't, you'll find an excuse."





           एक ट्रक में मारबल का सामान जा रहा था, उसमे टाईल्स भी थी, और भगवान की मूर्ति भी थी ! 
         
          रास्ते में टाईल्स ने मूर्ति से पूछा- "भाई ऊपर वाले ने हमारे साथ ऐसा भेद-भाव क्यों किया है ?" 

          मूर्ति ने पूछा, "कैसा भेद भाव ?"

          टाईल्स ने कहा- "तुम भी पत्थर, मै भी पत्थर !

           तुम भी उसी खान से निकले, मै भी,


           तुम्हे भी उसी ने ख़रीदा बेचा, मुझे भी,


          तुम भी मन्दिर में जाओगे, मै भी,

           किंतु वहां तुम्हारी पूजा होगी,  और मै पैरो तले रौंदा जाउंगा । ऐसा क्यों ?"

          मूर्ति ने बड़ी शालीनता से जवाब दिया-

          तुम्हे जब तराशा गया, तब तुमसे दर्द सहन नही हुवा .और तुम टूट गये,  टुकड़ो में बंट गये ।

          और मुझे जब तराशा गया तब मैने दर्द सहा, .मुझ पर लाखों हथोड़े बरसाये गये,  मैं रोया नही ! .मेरी आँख बनी, कान बने, हाथ बना, पांव बने, फिर भी मैं टूटा नही । .इस तरह मेरा रूप निखर गया, और मै पूजनीय हो गया ।


          तुम भी दर्द सहते तो तुम भी पूजे जाते,  मगर तुम टूट गए, और टूटने वाले हमेशा पैरों तले रोंदे जाते है ।
. शिक्षा :-

.          भगवान जब आपको तराश रहा हो, तो  टूट मत जाना,  हिम्मत मत हारना । अपनी रफ़्तार से आगे बढते जाना,  मंजिल जरूर मिलेगी ।

.          मुश्किलें केवल बेहतरीन लोगों के हिस्से में ही आती हैं,  क्यूंकि वो लोग ही उसे बेहतर तरीके से अंजाम देने की ताकत रखते हैं ।
  
"रख हौसला मुसाफिर, वो मंज़र भी आयेगा;
प्यासे के पास चलकर, खुद समंदर भी आयेगा ।
.थक कर ना बैठ, ऐ मंजिल के मुसाफ़िर;
.मंजिल भी मिलेगी और जीने का मजा भी आयेगा ।"

          लोहा नरम होकर औजार बन जाता है, सोना नरम होकर जेवर बन जाता है,  मिट्टी नरम होकर खेत बन जाती है,  आटा नरम होता है तो रोटी बन जाती है ! ऐसे ही इंसान भी अगर नरम रहे, तो लोगो की दिलों मे अपनी जगह बना ही लेता है !

सदैव बेहतर की उम्मीद करे ! "खुश रहिये मुस्कुराते रहिये" ।

0 टिप्पणियाँ:

Related Posts Plugin for WordPress, Blogger...