बुधवार, 4 दिसंबर 2019

चकल्लस वैवाहिक जीवन की...

        शादी की पहली ही सुबह घर में कोहराम मचा हुआ था।

        दूल्हे ने कामवाली को थप्पड़ रसीद कर दिया था।

               "हद होती है बेवकूफी की" मम्मी की आवाज़ आई।

       लेकिन "मम्मी ये रंगे हाथों पकड़ी गई है, देखलो इस के हाथ में मेरी बीवी के मुंह दिखाई का कंगन है!"

       वह बेचारी हक्का-बक्का एक कोने में खड़ी सब को देख रही थी ।


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       मम्मी ने उसको पकड़ा सेज वाले बेड पे बिठाया और दूल्हे को घूरती हुई आंखों से अपने साथ बाहर आने का इशारा करते हुए बोली-

            "कम्बखत ये काम वाली नहीं.....
      दुल्हन है तुम्हारी ... अभी-अभी मुंह धोकर आई है" ।

  और अब ये शॉपिंग की परमिशन भी देखलें


गुरुवार, 28 नवंबर 2019

मित्र का महत्व...

          किसी गांव में एक गाँव में एक व्यक्ति के पास 19 ऊंट थे । एक दिन उस व्यक्ति की मृत्यु हो गयी । मृत्यु के पश्चात वसीयत पढ़ी गयी ।  जिसमें लिखा था - मेरे 19 ऊंटों में से आधे मेरे बेटे को, 19 ऊंटों में से एक चौथाई मेरी बेटी को और 19 ऊंटों में से पांचवाँ हिस्सा मेरे नौकर को दे दिए जाएँ ।

          सब लोग चक्कर में पड़ गए कि ये बँटवारा कैसे हो ? 19 ऊंटों का आधा अर्थात एक ऊँट काटना पड़ेगा, फिर तो ऊँट ही मर जायेगा । चलो एक को काट भी दिया तो बचे 18 उनका एक चौथाई साढ़े चार- साढ़े चार. फिर ? सब बड़ी उलझन में थे ।  फिर उनके पुराने मित्र को बुलाया गया ।


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          मित्र अपने ऊँट पर चढ़ कर आया, समस्या सुनी, थोडा दिमाग लगाया, फिर बोला इन 19 ऊंटों में मेरा भी ऊँट मिलाकर बाँट दो।

          सबने सोचा कि एक तो मरने वाला पागल था, जो ऐसी वसीयत कर के चला गया, और अब ये दूसरा पागल आ गया जो बोलता है कि उनमें मेरा भी ऊँट मिलाकर बाँट दो। फिर भी सब ने सोचा बात मान लेने में क्या हर्ज है।

          19+1=20 ऊँट हो गए । 20 का आधा 10,  बेटे को दे दिए । 20 का चौथाई 5, बेटी को दे दिए । 20 का पांचवाँ हिस्सा 4,  वो नौकर को दे दिए । कुल ऊंट बंटे 10+5+4=19 एक ऊँट फिर वापस बच गया, जो उनके मित्र का था और वो उसे लेकर वापस अपने गॉंव लौट गया । इस तरह 1 उंट मिलाने से बाकी 19 उंटो का बंटवारा सुख, शांति, संतोष व आनंद से हो गया । हम सब के जीवन में भी 19 ही ऊंट होते हैं-
          5 ज्ञानेंद्रियाँ (आँख, नाक, जीभ, कान, त्वचा)
          5 कर्मेन्द्रियाँ (हाथ, पैर, जीभ, मूत्रद्वार, मलद्वार)
          5 प्राण (प्राण, अपान, समान, व्यान, उदान) और
          4 अंतःकरण (मन, बुद्धि, चित्त, अहंकार)


          इस प्रकार कुल 19 ऊँट होते हैं । और हमारा सारा जीवन  इन्हीं 19 ऊँटो के बँटवारे में उलझा रहता है । फिर जब तक उसमें मित्र रूपी ऊँट नहीं मिलाया जाता यानी जब तक दोस्तों, सगे-संबंधियों के साथ जीवन नहीं जिया जाता,  तब तक सुख, शांति, संतोष व आनंद की प्राप्ति नहीं हो सकती ।





इन फाडू हीरो से भी मिल लें...



शनिवार, 16 नवंबर 2019

इलाज...!



        एक महिला ने अपने पति का मोबाइल चेक किया तो फोन नंबर कुछ अलग ही तरीके से Save किये हुए दिखे, जैसे :-
        आँखों का इलाज
        होंठों का इलाज
        दिल का इलाज
       पत्नी ने गुस्से में अपना नंबर डायल किया तो स्क्रीन पर नाम आया... 
        ला-इलाज.




इन दादा का जोश भी देख लें...




कुछ नहीं करने से- कुछ न कुछ करते रहना हमेशा उत्तम रहता है...



शनिवार, 9 नवंबर 2019

घुलनशील


       साइन्स लैब में टीचर ने अपनी जेब से 10 रुपए का एक सिक्का निकालकर तेज़ाब में डाला और एक छात्र से पूछा- बताओ ये सिक्का इसमें घुल पाएगा या नहीं ?

       छात्र - सर, नहीं घुलेगा. 😏
       सर - शाबाश, लेकिन तुमने कैसे जाना ? 😒
     छात्र - सर अगर तेज़ाब में सिक्का डालने से उसको घुलना होता तो आप सिक्का अपनी ख़ुद की जेब से न निकालते बल्कि हमसे माँगते ।.

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दानवीर कंजूस...!
एक सच यह भी...! 

सेल्फी का आनंद... कभी भी, कहीं पर भी



इनसे भी मिल लें...
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चींटी से मेहनत सीखिए, बगुले से तरकीब और मकड़ी से कारीगरी...



गुरुवार, 7 नवंबर 2019

एडजेस्टमेंट...

      लडकी (प्रेम निवेदन करते लडके से)

      तूम पागल हो क्या ? मैं शादी शुदा हूँ, मेरा पति        हैऔर ऑफिस में एक बॉयफ्रेन्ड भी है ।

      मेरा ex-boyfriend  मेरे पड़ोस में ही रहता है...,

     कल ही मेरे बॉस ने भी मुझे प्रपोज किया हैजिन्हें मैं मना नहीं कर सकती.

     वैसे भी मेरे एक स्कूल फ्रेन्ड के साथ मेरा सीरियस मैटर चल ही रहा है ।
           
     लडका-  (सब सुनने के बाददेख ले, आगे-पीछे कहीं एडजस्ट हो सकता हो तो 














रविवार, 3 नवंबर 2019

गल्ति किसकी...




          अमेरिका के राष्ट्रपति अब्राहम लिंकन किसी अधिकारी को नोट्स लिखवा रहे थे.. एक महिला बीच-बीच में बहुत बोल रही थी.

          अधिकारी बोला ये महिला बोल-बोल के बहुत डिस्टर्ब कर रही है...

          अब्राहम लिंकन ने कहा ये मेरी पत्नी Martyn है.

          अधिकारी सकपका गया और बोला, माफ़ करिये सर मुझसे भूल हो गयी,,,,!

          अब्राहम लिंकन बोले, गलती  तो मैंने की है तुम क्यों माफ़ी मांग रहे हो.













सोमवार, 7 अक्टूबर 2019

वृद्धावस्था में सामान्य माता-पिता का जीवन...


             जैसे ही युवा पुत्र-पुत्रियों के वैवाहिक व कामकाजी जीवन की शुरुआत होती है, देखते ही देखते उनके माता-पिता का जीवन बुढापे के आगोश में समाने लगता है । सुबह की सैर पर जाते वक्त चक्कर आ जाते हैं तो अचेतावस्था की स्थिति में आने के बावजूद जबकि ये बात उनके सैर पर जाने वाले साथियों के द्वारा पूरे मोहल्ले को मालूम हो जाती है, वे अपनी संतान से उस स्थिति को छुपाते दिखते हैं ।

          अपने स्वास्थ्य व खर्च को संतुलित रखने की कोशिश में कभी अपनी खुराक घटाते दिखते हैं तो कभी अपने ढीले हो चुके वस्त्रों को पुनः रिपेयर करवाते दिखते हैं लेकिन तब भी अपने बच्चों को कोई परेशानी न हो या उन पर हमसे सम्बन्धित कोई आर्थिक भार न पडे वे अक्सर इन विषयों पर बात करने से बचने की कोशिश ही करते दिखाई देते हैं ।

          फोन पर जब भी बात करते हैं तो अक्सर अपने बारे में हम बिल्कुल ठीक हैं कि शैली में ही जवाब देते दिखते हैं, जबकि अपने परिचितों के दायरे में कभी कोई मृत्यु की खबर मिल जाए तो  चिंतित अवस्था में अपने परहेज और भी सख्ती से पालते दिखाई देते हैं । बच्चों के बढते वजन पर जब-तब उन्हें चेतावनी देने की कोशिश करते हुए रोजाना वाकिंग, एक्सरसाईज व योग जैसी गतिविधियों को 'पहला सुख निरोगी काया' के सिद्धांतानुसार निरन्तर अपनाने की सलाह देते दिखते हैं ।

          वर्ष-दर-वर्ष बैंक में अपने जीवित होने का प्रमाण दर्ज करवाते हैं, कभी पेंशन या अन्य किसी माध्यम से थोडी भी आय में वृद्धि दिखाई दे तो खुशी से फूले नहीं समाते । अपनी छोटी-मोटी बचत की FD को बिना नागा रिन्यू करवाते हैं । कम से कम खर्च करके ज्यादा से ज्यादा बचत हमारे बाद भी बच्चों के काम आ सके इसी सिद्धांत पर जीवन बिताने का प्रयास करते दिखाई देते हैं । 

          सामान्य जरुरत की चीजें अक्सर रख कर भूल जाते हैं फिर उन्हें ढूंढने में न सिर्फ सारा घर सर पर उठा लेते हैं, बल्कि आपस में भी एक-दूसरे पर दोषारोपण करते हुए बात-बात पर झुंझलाते दिखते हैं, किन्तु बगैर जीवनसाथी के रह भी नहीं पाते हैं ।

          अपने गिने-चुने मिलने-जुलने वाले लोगों में अक्सर एक ही किस्से को बार-बार दोहराते दिखते हैं । चश्मे से भी ठीक से न देख पाने के बावजूद डॉक्टर के पास जाने में या एलोपैथी की दवाएँ साईड इफेक्ट के नाम पर लेने की बजाय सस्ती आयुर्वेदिक व होम्योपैथी की दवाईयों से काम चलाने की कोशिश करते हैं ।

          गरिष्ठ भोजन नहीं पचा पाने के कारण लौकी, गिलकी, तुराई व मूंग की दाल जैसे सात्विक आहार पर जीवित रहने की कोशिश करते हैं, किसी भी बडी से बडी समस्या में भी स्पेशलिस्ट डॉक्टर के पास जाने या ऑपरेशन जैसी मंहगी स्थितियों को यह कहकर टालते दिखते हैं कि काम तो चल ही रहा है ।

         
यदि बच्चे अपने कैरियर की आवश्यकता के अनुसार बाहर रहते हैं तो हर महत्वपूर्ण त्यौंहार पर बच्चों के आने की राह तकते दिखाई देते हैं । उनके आने की स्वीकृति मिलते ही घर को यथासम्भव चमकाकर उनकी पसन्द की चीजों का पहले से इन्तजाम करके रखते हैं । नाती-पोतों की प्रतिक्षा में अक्सर आंसू भी बहाते दिखाई देते हैं, उनकी छोटी से छोटी फरमाईशों पर दौड कर बाजार पहुंच जाते हैं ।

          हमेशा खुद के लिये बिल्कुल कामचलाऊ और बच्चों व उनके बच्चों के लिये सर्वश्रेष्ठ का प्रयास ही करते दिखाई देते हैं और इसी प्रकार देखते ही देखते मां-बाप बूढे होते चले जाते हैं ।

ऐतिहासिक शख्सियत...

पागी            फोटो में दिखाई देने वाला जो वृद्ध गड़रिया है    वास्तव में ये एक विलक्षण प्रतिभा का जानकार रहा है जिसे उपनाम मिला था...