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शुक्रवार, 17 जून 2016

मुस्कुराओ - तो कोई बात बने...



             अगर आप डॉक्टर हैं और मुस्कराते हुए मरीज का इलाज करेंगे तो मरीज का आत्मविश्वास दोगुना हो जायेगा ।

            जब आप मुस्कुराते हुए शाम को घर में घुसेंगे तो देखना पूरे परिवार में खुशियों का माहौल बन जायेगा ।

            अगर आप एक बिजनेसमैन या  कर्मचारी हैं और आप खुश होकर कंपनी में घुसते हैं तो देखिये सारे कर्मचारियों के मन का प्रेशर कम हो जायेगा और माहौल खुशनुमा हो जायेगा ।

            अगर आप दुकानदार हैं और मुस्कुराकर अपने ग्राहक का सम्मान करेंगे तो ग्राहक खुश होकर आपकी दुकान से ही सामान लेगा ।

            कभी सड़क पर चलते हुए अनजान आदमी को देखकर मुस्कुराएं, देखिये उसके चेहरे पर भी मुस्कान आ जाएगी ।

            1. मुस्कुराइए, क्यूंकि मुस्कराहट के पैसे नहीं लगते ये तो ख़ुशी और संपन्नता की पहचान है ।

            2.मुस्कुराइए,  क्यूंकि आपकी मुस्कराहट कई चेहरों पर मुस्कान लाएगी ।

            3. मुस्कुराइए, क्यूंकि ये जीवन आपको दोबारा नहीं मिलेगा ।

            4. मुस्कुराइए,  क्योंकि क्रोध में दिया गया आशीर्वाद भी बुरा लगता है और मुस्कुराकर कहे गए बुरे शब्द भी अच्छे लगते हैं ।"

            5. मुस्कुराइए, क्योंकि दुनिया का हर आदमी खिले फूलों और खिले चेहरों को पसंद करता है ।"

            6. मुस्कुराइए, क्योंकि आपकी हँसी किसी की ख़ुशी का कारण बन सकती है ।"

            7. मुस्कुराइए, क्योंकि परिवार में रिश्ते तभी तक कायम रह पाते हैं जब तक हम एक दूसरे को देख कर मुस्कुराते रहते है"

और सबसे बड़ी बात

            8.  मुस्कुराइए, क्योंकि यह मनुष्य होने की पहली शर्त है । एक पशु कभी भी नहीं मुस्कुरा सकता ।


             प्रसन्नता मुस्कराहट से ज्यादा महत्वपूर्ण है, क्योंकि मुस्कुराहट होठों से आती है,  जबकि प्रसन्नता दिल से.

            तो प्रसन्न रहिये और मुस्कुराते रहिये. प्रभु से प्रार्थना है के आज-

 आपका दिन शुभ हो...
 

1 टिप्पणियाँ:

रूपचन्द्र शास्त्री मयंक ने कहा…

आपकी इस प्रविष्टि् के लिंक की चर्चा कल रविवार (19-06-2016) को "स्कूल चलें सब पढ़ें, सब बढ़ें" (चर्चा अंक-2378) पर भी होगी।
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सूचना देने का उद्देश्य है कि यदि किसी रचनाकार की प्रविष्टि का लिंक किसी स्थान पर लगाया जाये तो उसकी सूचना देना व्यवस्थापक का नैतिक कर्तव्य होता है।
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चर्चा मंच पर पूरी पोस्ट नहीं दी जाती है बल्कि आपकी पोस्ट का लिंक या लिंक के साथ पोस्ट का महत्वपूर्ण अंश दिया जाता है।
जिससे कि पाठक उत्सुकता के साथ आपके ब्लॉग पर आपकी पूरी पोस्ट पढ़ने के लिए जाये।
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हार्दिक शुभकामनाओं के साथ
सादर...!
डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री 'मयंक'

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